सतना 19 मई. ग्रीन ट्रीब्यूनल के निर्देशानुसार पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रदेश में धान एवं गेहूं की फसलों की कटाई उपरांत फसल के अवशेषों को खेतों में जलाये जाने को प्रतिबंधित किया गया है। कलेक्टर अनुराग वर्मा ने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को समय-समय पर निर्देश जारी कर नरवाई से होने वाली आगजनित घटनाओं को रोकने के लिए नरवाई जलाने को प्रतिबंधित करने के लिए निर्देश दिये है।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृशि विकास ने कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को अपने स्तर से पटवारियों के माध्यम से आगजनित घटनाओं का तत्काल सर्वे कराकर आग लगाने वाले अवांछित तत्वों पर पृथक से दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। सेटेलाइट मानीटरिंग रिपोर्ट सिस्टम ने पूरे प्रदेश में नरवाई से लगने वाली आग की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है। सतना जिले से सेटेलाइट मानीटरिंग रिपोर्ट संबंधित एसडीएम को भेजते हुए कार्यवाही की अपेक्षा की गई है।
उप संचालक ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय भोपाल से प्राप्त सैटेलाइट मॉनीटरिंग की रिपोर्ट अनुसार जिले जिले के अलग-अलग अनुविभागों में 9 मई को 36, 10 मई को 4 और 14 मई को 6 स्थानों पर नरवाई जलाने की घटनायें रिकॉर्ड की गई हैं। उप संचालक कृषि ने संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारियों को सैटेलाइट मॉनीटरिंग की रिपोर्ट से अवगत कराते हुये जिला दंडाधिकारी के निर्देशों के अनुरुप कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।
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