गौरतलब है कि पंजीकरण की सुविधा शुरु होने के बाद सतना जिले में अभी तक केवल 20 संस्थाओं द्वारा ही पंजीयन कराया गया है। प्रदेश में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 तथा राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ईसीसीई) नीति 2013 के तारत्य में “शाला पूर्व शिक्षा नीति 2022 मध्यप्रदेश“ को अंगीकृत किया गया है।
इसके अनुसार प्रदेश के समस्त (निजी/शासकीय) शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों यथा प्ले स्कूल्स, प्री प्राइमरी स्कूल प्रीपेरेट्री क्लासेस, नर्सरी स्कूल इत्यादि को मान्यता प्रदान करने के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश द्वारा प्रायवेट क्षेत्र में पूर्व से संचालित एवं नवीन संचालित होने वाले शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों के नियमन एवं निगरानी के लिये महिला एवं बाल विकास विभागीय पोर्टल पर शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों के पंजीकरण की सुविधा प्रारंभ की गई है।
