सतना संसदीय क्षेत्र, 28 मार्च से 4 अप्रैल तक लिये जायेंगे नामांकन

Satnafirst Desk
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  • कलेक्टर ने ली निर्वाचन कार्य संचालन के विभिन्न प्रकोष्ठ की बैठक.
सतना 22 मार्च. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग वर्मा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। सतना लोकसभा क्षेत्र के लिए 28 मार्च से 4 अप्रैल तक कार्य दिवसों में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के नामांकन पत्र प्राप्त किए जाएंगे।
लोकसभा निर्वाचन के संचालन के लिए गठित विभिन्न प्रकोष्ठ फुल इलेक्शन मोड में आयें और समय-सीमा में कार्यवाहियां संपादित करें। जिला निर्वाचन अधिकारी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रकोष्ठ के नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर अब तक की गई कार्यवाहियों एवं तैयारियों की समीक्षा की।
इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत संजना जैन, अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े, आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना, एसडीएम नीरज खरे, सुधीर बैक, डिप्टी कलेक्टर गोविंद सोनी, सुमेश द्विवेदी, मास्टर ट्रेनर डॉ बीके गुप्ता भी उपस्थित थे। जिला निर्वाचन अधिकारी सतना एवं रिटर्निंग ऑफिसर लोकसभा क्षेत्र अनुराग वर्मा ने बताया कि निर्वाचन की अधिसूचना जारी होते ही 28 मार्च से नामांकन लिए जाने का कार्य शुरू हो जाएगा। बैलेट पेपर अंतिम रूप से 8 मार्च को तैयार होकर 11 अप्रैल तक मुद्रित प्रतियों में प्राप्त होगा। इसके बाद ईवीएम की कमीशनिंग प्रारंभ होगी। इसके बीच मतदान दलों का गठन और उनका प्रशिक्षण कार्य पूरा कर लें।
यातायात प्रकोष्ठ और रूट चार्ट की समीक्षा में बताया गया कि संसदीय क्षेत्र के 1950 मतदान केंद्रों तक पहुंच के 460 रुट बनाए गए हैं। जिनमें मतदान दलों को लाने-ले जाने पुलिस सहित 700 वाहनों की व्यवस्था कर ली गई है। मतदान दलों को लेकर बसें 25 अप्रैल को रवाना होंगी। कलेक्टर ने कहा कि पीओएल के लिए रूट के निर्धारित पेट्रोल पंपों को सचेत करें कि 24 अप्रैल से पर्याप्त स्टॉक रखना सुनिश्चित करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्वीप गतिविधियों की समीक्षा में कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के लिये बड़ी गतिविधियां प्लान करें। उन्होंने व्यय लेखा प्रकोष्ठ और एमसीसी प्रकोष्ठ, शिकायत प्रकोष्ठ, सी-विजिल, 1950, जिला कंट्रोल रूम की जानकारी लेते हुए कहा कि एमसीसी की दैनिक रिपोर्ट उसी दिन उनके समक्ष प्रस्तुत होनी चाहिए।
कलेक्टर ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन में सभी मतदान केंद्रों में दिव्यांग और वयोवृद्ध मतदाताओं के लिए एक-एक व्हील चेयर की व्यवस्था की गई थी। लोकसभा निर्वाचन के मतदान में भी ऐसी ही व्यवस्था सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि विधानसभा चुनावों में की गई व्यवस्थाओं में यदि किसी प्रकोष्ठ द्वारा कोई परिवर्तन करना है तो वह पहले उसे जिला निर्वाचन अधिकारी के संज्ञान में लाएंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने व्यय लेखा प्रकोष्ठ, डाक मतपत्र, मीडिया प्रकोष्ठ, एमसीएमसी, प्रेक्षक व्यवस्था, सांख्यिकी, भोजन व्यवस्था सहित सभी प्रकोष्ठ की तैयारियों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि इस बार मतदान दलों के मानदेय का भुगतान उनके लौटते ही 27 अप्रैल तक तक हो जाना चाहिये।
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