- नर्सिंग कॉलेज घोटाले में दिल्ली से आई सीबीआई टीम की कारवाई जारी.
- इससे पहले कल सीबीआई इंस्पेक्टर राहुल राज.
- नर्सिंग कॉलेज संचालक समेत 4 हुए थे गिरफ्तार.
- – सीबीआई ने सोमवार तड़के घोटाले से जुड़े कुछ और लोगों को मिलाकर कुल 13 लोग गिरफ्तार.
भोपाल, 20 मई. मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज घोटाला मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश के कई जिलों में छापामार कार्रवाई की गई है। इस दौरान टीम ने सीबीआई निरीक्षक राहुल राज को 10 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। साथ ही 3 कॉलेज के संचालक समेत 13 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। सभी पर रिश्वत लेकर चार कॉलेजों को सूटेबल लिस्ट में शामिल करने का आरोप है।
दरअसल हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने कल के अलावा आज इंदौर,भोपाल, रतलाम में ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई की। सीबीआई निरीक्षक राहुल राज ने नर्सिंग कॉलेज घोटाले मामले में सही रिपोर्ट पेश करने के एवज में पैसे मांगे थे। इस बीच रिश्वत देने पहुंचे मलय नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन और प्रिंसिपल समेत CBI निरीक्षक को टीम ने भोपाल के आंचल अपार्टमेंट से धर दबोचा. सीबीआई ने इस घोटाले में आरोपी दलाल सचिन जैन के और रिश्वत देने वाले करीब 12 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
सीबीआई ने 13 आरोपियों में से 9 को अरविंद कुमार शर्मा की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में पेश किया है। चार आरोपियों को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। सभी को 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।
ये है पूरा मामला
रिश्वत लेते सीबीआई अधिकारी गिरफ्तार
दिल्ली की सीबीआई टीम ने मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों में भ्रष्टाचार की जांच कर रहे एक सीबीआई अधिकारी सहित 13 लोगों को हिरासत में लिया है. आरोप है कि उसने मामले को रफा दफा करने के लिए इंदौर के मलय नर्सिंग कॉलेज की चेयरमैन और प्रिंसिपल से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. 5 घंटे पहले राज्य के नर्सिंग कॉलेजों में अनियमितताओं की चल रही जांच के सिलसिले में रिश्वतखोरी के सुराग मिलने के बाद दिल्ली से आई एक विशेष टीम ने ये गिरफ्तारियां कीं हैं। यह मध्य प्रदेश में सीबीआई द्वारा संभाला जाने वाला दूसरा बड़ा घोटाला है। इसके पहले व्यापम घोटाले में सीबीआई जांच शुरू हुई थी। नर्सिंग कॉलेजों में अनियमितताओं की चल रही जांच में यह घटनाक्रम एक बड़ा झटका है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर अक्टूबर 2022 में सीबीआई ने जांच शुरू की थी।
सीबीआई द्वारा प्रारंभिक निष्कर्षों में राज्य भर के कई नर्सिंग कॉलेजों में व्यापक अनियमितताओं का पता चलने के बाद उच्च न्यायालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की थी। बता दें कि ये कॉलेज अनुमोदन होने के बावजूद 2018 नर्सिंग कॉलेज नियमों में निर्धारित अनिवार्य मानकों को पूरा करने में विफल रहे। प्रारंभिक जांच के बाद उच्च न्यायालय ने सीबीआई को राज्य के सभी 364 नर्सिंग कॉलेजों की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया। सीबीआई ने राज्य सरकार से सहायता का अनुरोध किया, जिसने विभिन्न जिलों में जांच दलों के लिए राजस्व अधिकारी उपलब्ध कराने तथा आवास, भोजन और परिवहन की व्यवस्था करने पर सहमति व्यक्त की है।
