भोपाल, 27 जून. प्रदेश के 66 कॉलेजों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है, जो कॉलेज डिफॉल्टर घोषित किए गए हैं, वो सभी एमबीए, बीएड और बीपीएड के कॉलेज हैं। भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी ने इन कॉलेजों को डिफॉल्टर घोषित करते हुए सूची जारी की है. साथ ही ये भी बताया है कि ये सभी डिफॉल्टर कॉलेज छात्रों को अब प्रवेश नहीं दे सकेंगे.
मान्यता और संबंद्धता के लिए दिखाते हैं फैकल्टी
प्रदेश के 275 एमबीए एवं लगभग 650 बीएड कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में यूजीसी के नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा। कॉलेजों ने अब तक कोड-28 के तहत फैकल्टी की नियुक्तियां नहीं की है। योग्य फैकल्टी के स्थान पर 10-15 हजार रुपए देकर पीजी स्टूडेंट्स को नियुक्त कर लिया जाता है। वहीं दिखाने के लिए अन्य कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसरों को पंजीकृत कर लिया जाता है।
एमबीए कॉलेज की जगह मिला नर्सिंग कॉलेज
बीयू ने पिछले दिनों एमबीए कॉलेजों की मॉनिटरिंग की थी। जिसमें एक एमबीए कॉलेज के स्थान पर नर्सिंग कॉलेज मिला था। यहां छात्र एवं शिक्षकों की उपस्थिति नहीं मिली। भवन का नक्शा ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के नाम पर पाया। एमबीए में प्रवेशित छात्र संख्या के अनुपात में क्लासरूम नहीं है। एक अन्य कॉलेज की लाइब्रेरी में एमबीए से संबंधित पुस्तकें नहीं मिली। संस्थान का भवन जर्जर स्थिति में पाया गया। ऐसे करीब एक दर्जन कॉलेज थे जिसमें कमी पाई गई थी।
