पारंपरिक कारीगरों को सहायता देने पीएम विश्वकर्मा योजना

Satnafirst Desk
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सतना. 5 फरवरी.  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने बताया कि पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देने के लिये पी.एम. विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया है कि योजना में टूल किट खरीदने के लिये 15 हजार रूपये का अनुदान मिलेगा। साथ ही पहली बार में एक लाख और दूसरी बार में 2 लाख रूपये का सस्ता ऋण मिलेगा। प्रारंभिक प्रशिक्षण 5 से 7 दिन का और 15 दिन का एडवांस प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के दौरान 500 रूपये प्रतिदिन भत्ता भी मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट भी मिलेगा। प्रशिक्षण के लिये हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया जारी है।
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योग्यता – योजना के लिये उम्र न्यूनतम 18 वर्ष होना चाहिए। पिछले 5 वर्षों में पीएमईजीपी स्वनिधि एवं मुद्रा योजना के तहत ऋण नहीं लिया हो। सहकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगे। एक परिवार से एक ही को लाभ मिलेगा।

लाभार्थी- कारीगर बढ़ई, सुनार, गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाव निर्माता, कुम्हार, नाई, अस्त्रकार, मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाला), माला निर्माता (मालाकार), लोहार, मोची (चर्मकार)/जूता कारीगर, धोबी, हथौड़ा, टूल किट निर्माता, राजमिस्त्री, दजी, ताला बनाने वाला, टोकरी, चटाई, झाडू निर्माता कॉयर बुनकर और मछली पकड़ने का जाल निर्माता शामिल है। योजना के लिये आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता और आधार कार्ड में मोबाईल नम्बर लिंक होना अनिवार्य है।

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