गेहूं खरीदी- मंडी में गेहूं सफाई का देना होगा खर्चा, इसके बाद ही मिलेगा बोनस

Satnafirst Desk
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  • मध्य प्रदेश सरकार ने दिए निर्देश, अब तक पांच लाख मीट्र‍िक टन गेहूं की खरीद
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भोपाल. 7 अप्रैल. इस बार मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन हुए हैं। अन्य राज्यों के मुताबिक मध्य प्रदेश गेहूं बेचने के लिए सबसे आगे है। इसके लिए प्रदेश में गेहूं की एमएसपी 2275 रुपए प्रत‍ि क्व‍िंटल है। इस एमएसपी पर किसानों को 125 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी सरकार के द्वारा दिया जा रहा है, तो कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में किसानों को गेहूं का मूल्य 2400 रुपये प्रत‍ि क्व‍िंटल दिया जा रहा है। लेकिन दूसरी तरफ़ किसानों को गेहूं की सफाई हेतु खरीद केंद्र पर सफाई का खर्चा देना होगा।

मिली जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा गेहूं खरीदा गया है। अन्य राज्यों के मुकाबले मध्य प्रदेश में गेहूं की सबसे ज्यादा बिक्री हुई है। जानकारी के अनुसार अब तक 4,81,080 मीट्र‍िक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। इस साल मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य बन गया है जो कि पूरे देश में गेहूं खरीदी को लेकर सबसे आगे है। पिछले साल 2023 में मध्य प्रदेश में 80 लाख मीट्र‍िक टन गेहूं खरीदने का उद्देश्य था। लेकिन पिछले साल प्रदेश में केवल 71 लाख मैट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हुई थी।

गेहूं की खरीद की स्थिति

गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए मध्य प्रदेश प्रशासन लगातार काम कर रहा है। इसके लिए 130 उपार्जन केंद्रों की लिस्ट जारी की गई हैं। मंडी बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में किसी तरह की कोई भी गलती की गुंजाइश नहीं की जाएगी। गेहूं खरीदी के लिए उपार्जन केंद्रों का चयन किया जाएगा। कुल मिलाकर 130 उपार्जन केंद्रों में से 119 उपार्जन केंद्र सहकारी समितियां मार्केटिंग फेडरेशन उपभोक्ता संघ इस समय चला रहे हैं। और 11 उपार्जन केंद्र जिसमें से पनागर के 6 और मजली के 5 केंद्र हैं। और यह कार्यभार स्वयं सहायता समूह को सौपा गया है।

300 करोड़ के बोनस का प्रावधान

गेहूं खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि गेहूं खरीद पर किसानों को 125 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए 300 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। इसके अनुसार किसानों को राज्य विपणन संघ को खाद के लिए 850 करोड़ रुपये मिलेंगे।

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