डीएपी से बेहतर है एनपीके खाद, किसानों से उपयोग की अपील

Satnafirst Desk
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सतना 22 जून. बारिश का मौसम शुरु हो जाने से किसानों द्वारा खरीफ सीजन-2024 के लिए बोनी कार्य की तैयारी शुरु कर दी गई है। इसके साथ ही उर्वरकों का भी उठाव किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद बेहतर विकल्प है। एनपीके 12ः32ः16 और 16ः16ः16 उर्वरकों से फसलों में मुख्य पोषक तत्व नत्रजन, फास्फोरस एवं पोटाश तत्व की पूर्ति होती है। इसी प्रकार 20ः20ः0ः13 से नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं सल्फर की पूर्ति होती है।
डीएपी से केवल दो तत्व नत्रजन एवं फास्फोरस ही मिलते हैं। डीएपी से पोटाश तत्व की पूर्ति नहीं होती है। इसके अलावा सिंगल सुपर फास्फेट जिसमें 16 प्रतिशत फास्फोरस, 12 प्रतिशत सल्फर एवं 21 प्रतिशत कैल्शियम पाया जाता है। इसके उपयोग से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होती है। जिले में खरीफ 2024 में मुख्य फसल धान, बाजरा, तिल, उड़द एवं सोयाबीन है। इसके लिए एनपीके उर्वरक का उपयोग किसान भाई करें। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास मनोज कश्यप ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उर्वरकों की विक्रय दर निर्धारित की गई है।
शासन द्वारा नैनो यूरिया (500 एमएल) की विक्रय दर 225 रुपये निर्धारित है। इसी प्रकार नैनो डीएपी (500 एमएल) के लिये 600 रुपये, डीएपी (50 किलोग्राम) 1350 रुपये, यूरिया (45 किलोग्राम) 266.50 रुपये, कॉम्प्लेक्स (12ः32ः16) 1470 रुपये, कॉम्प्लेक्स (16ः16ः16) 1250 रुपये, कॉम्प्लेक्स (20ः20ः0ः13) 1200 रुपये, एमओपी पाउडर (50 किग्रा) 1550 रुपये, एसएसपी दानेदार (50 किग्रा) 480.75 रुपये, एसएसपी पाउडर (50 किग्रा) की विक्रय दर 440.75 रुपये निर्धारित की गई है। जिंक 33 प्रतिशत के 5 किग्रा बैग की विक्रय दर 217.52 रुपये, 10 किग्रा की 418.03 रुपये, 25 किग्रा की 1017.73 रुपये तथा जिंक 21 प्रतिशत के 5 किग्रा बैग की विक्रय दर 187.75 रुपये, 10 किग्रा की 358.48 रुपये एवं 25 किग्रा के बैग की विक्रय दर 868.87 रुपये निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक भंडारित है।
जिले के किसानों अपनी सुविधानुसार बीज और उर्वरक का उठाव करें। उन्होने बताया कि वर्तमान में 29966.884 मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक है। जिसमें यूरिया का स्टॉक 20607.48 मीट्रिक टन, डीएपी 2496.55 मीट्रिक टन, एमओपी 100.905 मीट्रिक टन, एनपीके 2882.395 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 3879.55 मीट्रिक टन स्टॉक है। उप संचालक ने किसानों से कहा है कि कम से कम 4 इंच बर्षा होने के बाद ही खरीफ फसलों की बुवाई करें। बुवाई करने से पहले बीजों को फफूंदी नाशक दवा कार्बनडाइजिम 3 ग्राम दवा एक किलो ग्राम बीज के मान से बीज उपचार करें। जिससे बीज जनित बीमारियों से बचाव हो सके।
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