- उप मुख्यमंत्री ने किया प्रदेश स्तरीय तृतीय कृषि विज्ञान मेला का समापन.
सतना 22 फरवरी. उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद अगस्त 2024 तक नर्मदा मईया का जल बरगी नहर के माध्यम से सतना जिले के किसानों के खेतों में आने वाला है। किसानों के खेतों में सिंचाई के लिये आने वाला यह पानी सतना जिले की तस्वीर और तकदीर बदलेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल गुरुवार को सतना के एकेएस विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित प्रदेश स्तरीय तृतीय कृषि विज्ञान मेले के समापन अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद गणेश सिंह ने की।
शुक्ल ने कहा कि खेती हमारे देश के विकास की रीढ़ है। सतना जिले के किसानों के खेतों में बाणसागर के बाद अब बरगी नहर का पानी भी आने से जिले की तस्वीर और तकदीर बदल जायेगी। सरकार ने बरगी नहर का पानी सतना लाने के लिये 800 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की है। अभी 200 से 300 करोड़ रुपये और खर्च किये जायेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये सांसद गणेश सिंह ने कहा कि कृषि प्रधान देश में खेती-किसानी का अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान है। वर्तमान में कृषि के क्षेत्र में अनेक चुनौतियां हैं। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने किसानों को जागरुक किया जाना अनिवार्य है।
विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार ने कहा कि खेती की लागत के अनुसार उत्पादन की कीमत का निर्धारण का अधिकार किसान को जब मिलेगा, तभी खेती लाभ का धंधा बनेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और सांसद गणेश सिंह ने आत्मा परियोजना के अंतर्गत चयनित उत्कृष्ट किसानों को पुरुस्कारों का वितरण किया।
इस मौके पर विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, जनपद अध्यक्ष अमरपाटन माया विनीत पांडेय, विश्वद्यिलय के डायरेक्ट अनंत सोनी, प्रो. वीसी हर्षवर्धन श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि मनोज कश्यप, पूर्व महापौर ममता पांडेय, समाजसेवी पुष्पेंद्र प्रताप सिंह सहित कृषि वैज्ञानिक एवं जिले के किसान उपस्थित थे।
