– 20 लाख रु. की घूसखोरी की जांच में एनएचएआई के दो और परियोजना निदेशकों (पीडी) को किया गिरफ्तार.
– अब तक कुल 8 गिरफ्तार हुई.
भोपाल. 5 मार्च. सीबीआई ने 20 लाख रु. की घूसखोरी से संबंधित एक मामले की जारी जांच में दो अन्य व्यक्तियों यथा डीजीएम एवं पीडी, एनएचएआई, पीआईयू, भोपाल तथा पीडी, एनएचएआई, विदिशा (एमपी) समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. ईन आरोपियों को भोपाल की सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस मामलें में आगे की जाँच जारी रहेगी.
सोमवार को सीबीआई ने दिल्ली से जारी रिपोर्ट में कहा कि तलाशी के क्रम में रिश्वत राशि सहित नकद बरामदगी/जब्ती लगभग 2.0 करोड़ रु. से अधिक हो गई है. सीबीआई ने बताया कि एनएचएआई के चार लोक सेवकों, भोपाल स्थित निजी कंपनी, उक्त निजी कंपनी के दो निदेशकों एवं कर्मचारियों व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया, जिसमे आरोप है कि भोपाल स्थित एक निजी कंपनी के निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा आवंटित की गई विभिन्न सड़क परियोजनाओं में पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने, बिलों पर कार्यवाही करने, आवंटित कार्यों की सुचारू प्रगति आदि के बदले में अपने कर्मचारियों के माध्यम से एनएचएआई के लोक सेवकों को रिश्वत पहुंचा रहे हैं।
यह भी आरोप है कि निजी कंपनी के कर्मचारी, नागपुर व मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लोक सेवकों को रिश्वत राशि पहुंचाते हैं। सीबीआई का कहना है कि ये आरोप भी है कि प्रोजेक्ट आउटर रिंग रोड हेतु उक्त कंपनी का एक कर्मचारी, लंबित बिलों पर कार्यवाही और पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने सहित लंबित मामलों को रिश्वत के बदले में निपटाने हेतु महाप्रबंधक व परियोजना निदेशक, एनएचएआई, पीआईयू, नागपुर के साथ नियमित संपर्क में है।
इस मामले में 25 लाख रु. की रिश्वत राशि, उक्त महाप्रबंधक व परियोजना निदेशक, एनएचएआई, पीआईयू, नागपुर को पहुंचाई जाने की संभावना थी. इस सूचना पर सीबीआई ने जाल बिछाया एवं उक्त निजी कंपनी के कर्मचारी द्वारा एनएचएआई के उक्त महाप्रबंधक व प्रोजेक्ट मैनेजर को 20 लाख रु. की रिश्वत पहुंचाने के पश्चात, दोनों को पकड़ा.
सीबीआई ने नागपुर (महाराष्ट्र) एवं भोपाल, हरदा, विदिशा व डिंडोरी (मध्य प्रदेश) में स्थित आरोपियों के कार्यालयों तथा आवासों सहित 16 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली. जिसमें तलाशी के पश्चात, अन्य आपत्तिजनक दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों, सोने के आभूषणों आदि के साथ ट्रैप मनी सहित 2.0 करोड़ रु. (लगभग) से अधिक बरामद/जब्त किए हैं.
