राईसा और मायरा सहित कलेक्टर अनुराग वर्मा ने निवास पर रोपे पौधे

Satnafirst Desk
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सतना, 15 जुलाई. एक पेड़ मां के नाम अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत कलेक्टर निवास सतना के आंतरिक और बाह्य भाग में सुरक्षित रूप से 150 से भी अधिक फलदार पौधों का रोपण किया गया। कलेक्टर अनुराग वर्मा, उनकी बेटियों राईसा और मायरा सहित जिले के अनेक अधिकारियों-कर्मचारियों ने पौधों का रोपण किया। जन अभियान परिशद के सौजन्य से लगाये गये सभी पौधों को अंकुर वायुदूत ऐप में अपलोड भी किया गया।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर स्वप्निल वानखडे, आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीणा, जिला पंजीयक डॉ. कीर्ति सिंह, जिला आबकारी अधिकारी विभा मरकाम, डीपीसी विश्णु त्रिपाठी, सहायक श्रम आयुक्त हेमंत डेनियल, उप संचालक उद्यानिकी अनिल सिंह, जिला समन्वय जन अभियान परिशद डॉ. राजेश तिवारी, जनसम्पर्क अधिकारी राजेश सिंह, कार्यपालन यंत्री अश्विनी जायसवाल, पीआईयू श्री सिद्दकी, स्टेनो प्रमोद द्विवेदी, नाजिर दयाराम वर्मा सहित कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने पौधरोपण किया।

एक पेड़ पिता के नाम भी लगाये बेटियां – बागरी

प्रधानमंत्री कालेज आफ एक्सीलेंस के शुभारंभ से पहले शहीद पद्मधर सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सतना के परिसर स्थित विद्या वन एवं अन्य वाटिकाओं में अतिथियों ने वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया।

राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, कलेक्टर अनुराग वर्मा, प्राचार्य शिवेश प्रताप सिंह, एनएसएस प्रभारी डॉ. क्रांति राजौरिया, प्रोफेसर बृजेश सिंह, आरएस गुप्ता सहित गणमान्य अतिथियों ने पौधा रोपण किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में राज्यमंत्री बागरी ने बालिकाओं से कहा कि प्रत्येक बेटी अपने पिता की लाडली होती है। इसलिए हर छात्रा अपने पिता के नाम से भी एक पेड़ अवश्य लगाये।

राज्यमंत्री ने किया वृक्षारोपण

राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने रविवार को विधानसभा क्षेत्र रैगाव के ग्राम खाम्हा में वृक्षारोपण किया। राज्यमंत्री बागरी ने कहा कि पेड़ लगाने की इस पहल से हम अपने आस-पास के वातावरण को हरा-भरा बनाते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है। यह अभियान में न केवल पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है, यह सामाजिक स्तर पर जागरूकता भी फैलाता है। एक पेड़ मां के नाम लगाकर हम अपनी अगली पीढ़ी को भी पर्यावरण की महत्ता समझा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस छोटे से कदम से हम बड़े परिवर्तन की ओर अग्रसर हो सकते हैं, जहां हर मां के नाम एक हरा-भरा पेड़ होगा, जो हमेशा हमारे आभार और प्रेम का प्रतीक रहेगा। इस अवसर पर ग्रामीण जनों की उपस्थित रही।

 

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