मध्‍यप्रदेश में नई गाइडलाइन, शव देने से मना नहीं कर सकेंगे निजी अस्पताल

Satnafirst Desk
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बिल बकाया तब भी नि:शुल्क वाहन से पहुंचानी होगी डेड बॉडी.
भोपाल. 3 मार्च . प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए कि मध्‍यप्रदेश में अब कोई भी निजी अस्‍पताल बिल बकाया होने पर मृतक के परिजनों को शव देने से मना नही कर सकेंगे।  इस संबंध में राष्‍ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर यह ये निर्देश मध्‍यप्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्‍यक्ष को पत्र लिखकर दिये है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग प्रकरण क्र. 312/90/0/2023 में पारित अनुशंसा के बाद प्रदेश के लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा विभाग ने इस संबंध में निर्देश पारित किया है।
आयुक्त एवं सचिव स्वास्थ्य डॉ. सुदाम खाड़े ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा कोविड परिदृश्य में शवों के परिवहन एवं संरक्षण के संबंध में प्रतिवेदित कमियों के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए जाते है कि उपरोक्त अनुसार निर्देश प्रदेश के समस्त निजी अस्पताल संचालकों को अपने स्तर से प्रसारित करने का कष्ट करें।
उपरोक्त पत्र एन.एच.एस. पोर्टल पर पंजीबद्ध ई-मेल आई.डी. के माध्यम से भी समस्त निजी अस्पताल के संचालकों को प्रसारित किया जा रहा है।
ये है निर्देश
1. निजी अस्पताल में उपचाररत रोगियों की मृत्यु होने पर परिजनों द्वारा शव प्राप्त न करने तक तथा शव की गरिमामयी एवं आवश्यकता अनुसार शीत-संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
2. लावारिस शवों के संबंध में उचित सूचना निकटस्थ थाना प्रभारी को देते हुए शव की प्राप्ति तक ऐसे शवों का उचित शीत संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
3. निजी अस्पताल में मृत्यु होने के पश्चात् परिवार की आवश्यकता अनुसार मृतक के परिवहन हेतु उचित व्यवस्था की जाए। इस हेतु स्थानीय नगरीय निकाय से समन्वय स्थापित कर शव परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
4. चिकित्सकीय देयकों के भुगतान के अभाव में मृतक के शव को बंधक बनाए जाने की सूचना प्राप्त होने पर विभाग द्वारा संबंधित निजी अस्पताल के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
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