-जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाब में चलाया गया सफाई कार्यक्रम.
सतना 07 जून. राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिलों में जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिये जल गंगा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शुक्रवार को मैहर के गरबाधा तालाब में स्वच्छता अभियान चलाया जाना था। लेकिन तालाब की जमीन पर वर्षों से जमा अतिक्रमण अभियान की गतिविधियों के संचालन में बाधा बन रहा था। अभियान के सुचारु संचालन के लिये कलेक्टर मैहर रानी बाटड द्वारा गरबाधा तालाब पहुंचकर तालाब की जमीन पर अतिक्रमण किये हुये लोगों को अतिक्रमण की गई भूमि को स्वेच्छा से मुक्त कर देने की समझाईस दी गई।
उन्हाने रहवासियों से कहा कि किसी को भी पूरी तरह से घर मकान नही हटाया जाएगा और अभी जितनी जरूरत उतनी ही तोड़ा जाएगा, तालाब की मेड़ पर पिच बनाना है। कलेक्टर की समझाईस को स्वीकार करते हुये अतिक्रमणकारियों द्वारा वर्षों से अतिक्रमण की गई भूमि से अपना सामान स्वयं हटा लिया गया। अतिक्रमण हटाने में नगर पालिका मैहर के कर्मचारियों ने भी मशीनरी का प्रयोग करते हुये अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को गति प्रदान की। इसके उपरांत जल गंगा अभियान के तहत जनसहयोग से तालाब की साफ-सफाई का अभियान चलाया गया। इस मौके पर सीएमओ लालजी ताम्रकार, संतोष सोनी सहित स्थानीय जन उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा जल स्त्रोतों के संरक्षण-संवर्धन एवं पुनर्जीवन के लिये जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सतना और मैहर जिले की जल संरचानाओं को संरक्षित करने तालाबों, नदियों सहित जल स्त्रोतों की साफ-सफाई का कार्यक्रम जन सहयोग से चलाया जा रहा है। अभियान की कड़ी में कलेक्टर मैहर रानी बाटड द्वारा गरबाधा तालाब का निरीक्षण करने पर तालाब के जल आवक के रास्ते में अवैध अतिक्रमण होना पाया गया। जो तालाब के भराव में बाधक बन रहा था। जिस पर कलेक्टर श्रीमती बाटड ने तालाब की भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों से बातचीत कर प्रशासन का सहयोग करने की समझाइस दी गई।
कलेक्टर ने स्थानीय रहवासियों को जल संवर्धन और तालाबों के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि ये तालाब का जल आपके ही उपयोग में आएगा और तालाब के भर जाने से जलस्तर बढ़ेगा और बारह महीने पानी उपलब्ध हो सकेगा। कलेक्टर की समझाइश के बाद संबंधित लोगो ने स्वेच्छा से तालाब की भूमि पर किये गये अतिक्रमण को हटाने की सहमति दी। तालाब के तरफ से लगभग 20 फिट जमीन को खाली कराया गया है।
