– वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी जिला कलेक्टर्स को दिए निर्देश, हरदा हादसे में कोई दोषी बख्शा नहीं जाएगा.
भोपाल. 6 फरवरी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीती देर रात मंत्रालय में हरदा के हादसे की कलेक्टर हरदा और कमिश्नर भोपाल जो हरदा में ही है, से विस्तृत चर्चा कर घायलों के उपचार की जानकारी प्राप्त की. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे में प्रतिवेदन भेजें उनके जिले में संचालित फटाका फैक्ट्री का संचालन नियम अनुसार हो रहा है कि नहीं, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना में दोषी सिद्ध व्यक्तियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने हरदा का दौरा करने के बाद मंत्रालय में हुई बैठक में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटना की विस्तारपूर्वक जानकारी दी. बैठक में बताया गया कि समस्त गंभीर घायलों को एम्स भोपाल और नर्मदा ट्रामा सेंटर भोपाल में उपचार के लिए लाया गया है. अब तक 10 नागरिकों की मृत्यु का समाचार है. कुल 172 नागरिकों के उपचार का कार्य प्रारंभ होने के बाद 48 नागरिक उपचार के बाद डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गए हैं, शेष मामूली घायल नागरिकों का इलाज चल रहा है, जिनमें से अधिकांश रात्रि घर कुशलता से पंहुचा दिए जाएंगे.
बैठक में बताया गया कि फैक्ट्री परिसर के आस-पास हरदा के अन्य नागरिक न आएं इसकी व्यवस्था भी की गई है. स्लैब को निकालकर सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है जिससे किसी नागरिक के दबे होने की आशंका को समाप्त कर उसे निकालकर आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जा सके.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि हरदा के हादसे में घायल एक-एक व्यक्ति को समुचित उपचार दिलवाया जाएगा. इसके लिए शिविर लगाकर आवश्यक सहायता दी जाए, कमिश्नर भोपाल इस कार्य की निगरानी करें. जो नागरिक इस हादसे में बच नहीं सके, उनके अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक सहायता की जाए. सेना से बुलाए गए हेलीकॉप्टर का आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जाए.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रूपए की राशि, गंभीर घायल व्यक्ति के लिए दो लाख रूपए की राशि और साधारण रूप से घायल व्यक्ति के लिए 50 हजार की राशि सहायता स्वरूप देने का निर्णय हुआ है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक मृत व्यक्ति के परिवार के लिए दो-दो लाख रूपए और घायल व्यक्ति के लिए 50 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की है। हरदा में हादसे से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 9 जिलों से विभिन्न संसाधनों की व्यवस्था की गई है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ रेस्क्यू से जुड़े कार्यों में संलग्न है। रेडक्रास सोसायटी से भी सहायता ली जा रही है.
बैठक में मुख्य सचिव वीरा राणा, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के साथ निरीक्षण कर लौटे और अपर मुख्य सचिव अजीत केसरी और अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव गृह संजय दुबे के अलावा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
