सतना 21 फरवरी। सतना जिले के बटोही गांव की मधुरिमा संस्कार पाठशाला में जनजातीय वर्ग के बच्चों का उत्साह उछाल मार रहा है। एक तरफ जहां बच्चे संस्कार पा रहे हैं तो दूसरी ओर उन्हें सुविधाएं मिल रही हैं। बुधवार को जब इन बच्चों को ड्रेस मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर बटोही गांव में मधुरिमा संस्कार पाठशाला की शुरुआत की। इस पाठशाला में गुरुजी द्वारा बच्चों को जहां राम, कृष्ण, दीनदयाल उपाध्याय और महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी कहानी बताई जा रही हैं,तो वहीं उन्हें स्वच्छता के बारे में भी बताया गया। इस पाठशाला में बच्चों को वे संस्कार दिए जा रहे हैं जो उन्हें नए भारत के निर्माण के अभियान का साथी बना सकें ।
इस पाठशाला में आने वाले बच्चों को बुधवार को मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान की ओर से ड्रेस वितरित की गई, जैसे ही इन बच्चों को नई ड्रेस पहनने का अवसर मिला, उनके चेहरे खुशी से खिल खिला उठे। साथ ही उन्हें स्वच्छता के बारे में बताया गया। बच्चों से कहा गया कि भोजन करने से पहले हाथ जरूर धोएं और स्वच्छता का ध्यान रखेंगे,वे ऐसा करेंगे तो अपने आप को बीमारी से भी दूर रख पाएंगे।
मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान की संस्थापक डॉ स्वप्ना वर्मा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीमारी मुक्त भारत के संकल्प के तहत सतना में बीमारी मुक्त सतना का प्रकल्प चलाया जा रहा है वही बच्चों को भी संस्करवान बनाने के लिए पाठशाला शुरू की गई है। 500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या में रामलला आए हैं और अब देश में रामराज्य आयेगा, इसके लिए जरूरी है कि नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाया जाए। इसीलिए संस्कार पाठशाला की शुरुआत हुई है।
