सांस्कृतिक सरोकारों की शीतलता में दमका पुरखों की विरासत के सच्चे पहरेदारों का हुनर

Satnafirst Desk
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50वां खजुराहो नृत्य समारोह का छठवां दिन, विविध कलाओं का हो रहा संगम.

भोपाल,  25 फरवरी.  भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों के गुरु—प्रशिक्षक, नर्तक, कला मर्मज्ञ और कलानुरागियों के महाकुंभ 50वां खजुराहो नृत्य समारोह के छठवें दिन भी विविध कलाओं का संगम देखने को मिला। सुबह का आगाज जहां कला के अंतर्संबंधों को जानने से हुआ तो शाम को कथक नृत्य की प्रस्तुति के साथ ये पांचवां दिन अपने अंजाम तक पहुंचा।

नृत्य का यह सिलसिला लगभग अपने अंतिम पायदान तक पहुंच चुका है। सांस्कृतिक सरोकारों की शीतल छाया में पुरखों की विरासत के सच्चे पहरेदारों ने अपनी साधना से समारोह के स्वर्णिम वर्ष को सार्थक कर दिया है। परम्पराओं और प्रयोगों की साझेदारी ने खजुराहो नृत्य समारोह के मंच पर भारतीय संस्कृति की चमक और भी दमक उठी है।

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग एवं उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के साझा प्रयासों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन — छतरपुर के सहयोग से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन किया जा रहा है। छठवें दिन निदेशक उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी श्री जयंत भिसे ने आमंत्रित कलाकारों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

खूबसूरत शाम में नृत्य का सिलसिला शुरू हुआ पुणे की प्रेरणा देशपांडे के कथक नृत्य से। उन्होंने शिव वंदना से नृत्य का आरंभ किया। उसके पश्चात तीनताल में शुद्ध नृत्य की प्रस्तुति दी। देश के जाने—माने कथक गुरु और हाल ही में जिनके निर्देशन में कथक कुंभ में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना ऐसे पंडित राजेन्द्र गंगानी ने भी छठवें दिन समारोह में नृत्य प्रस्तुति देकर चार चांद लगा दिए।

तीसरी प्रस्तुति में बैंगलोर से आईं सुश्री नव्या नटराजन का भरतनाट्यम नृत्य हुआ। उन्होंने वर्णम की प्रस्तुति दी। नृत्य के इस खूबसूरत सिलसिले का समापन बनारस से पधारी डॉ. विधि नागर और उनके साथियों के कथक नृत्य से हुई।

50वां खजुराहो नृत्य समारोह” का पांचवां दिवस रविवार को कलावार्ता के साथ प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर नई पीढ़ी के साथ संवाद के लिये उपस्थित थे जयपुर के जाने-माने कला समीक्षक डाॅ. राजेश व्यास, जिन्होंने ‘कला की अंर्तदृष्टि’ विषय पर अपनी बात रखी।

लोकरंजन – मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन, छतरपुर, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर के सहयोग से खजुराहो नृत्य समारोह परिसर में 20 से 26 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से पारंपरिक कलाओं के राष्ट्रीय समारोह लोकरंजन का आयोजन किया गया है, जिसके पांचवे दिन महाराष्ट्र का सोंगी मुखौटा, आंध्रप्रदेश का गुसाड़ी एवं श्री रामरथ पांडेय एवं साथी, रायबरेली द्वारा अवधी फाग गायन की प्रस्तुति दी गई। 

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