- लीडरशिप समिट के दूसरे दिन विभिन्न वक्ताओं ने साझा किए मूल्यवान विचार
भोपाल. मंत्रीगण विधान सभा में दिए आश्वासनों को प्रतिबद्धता के साथ पूरा करें। मंत्रीगण को अपने विभाग की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं को पूरी तरह समझना चाहिए। मंत्रीगण अपने अपने विभाग में नवाचार पर भी ध्यान दें। समीक्षा करने के साथ विभाग में समय की मांग के अनुसार प्रशासनिक सुधार करते रहना चाहिए।
यह बात विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में लीडरशिप समिट के दूसरे दिन सम्बोधित करते हुए कही। विधान सभा अध्यक्ष तोमर प्रशासनिक समन्वय एवं विधानसभा कार्यप्रणाली विषय पर उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा और श्री राजेन्द्र शुक्ल एवं मंत्रि-परिषद के सदस्य उपस्थित थे।
विधान सभा अध्यक्ष तोमर ने प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यप्रणाली को समझाते हुए कि नीतियों के बनाने, क्रियान्वयन करने और समीक्षा को बेहतर ढंग से करने के लिए अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण संवाद और सहयोग महत्वपूर्ण है। सरकार और प्रशासन एक इसरे के पूरक है। मंत्रीगण को विभागीय अधिकारियों की कान्फ्रेन्स करना चाहिए। इसमें विभागीय अधिकारियों से महत्वपूर्ण फीडबेक मिलता है। उन्होंने कहा कि विभाग के विशेषज्ञों का ग्रुप बना कर विभाग के कार्य में विशेषज्ञ का सहयोग लेना चाहिए।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बजट, मंत्रालयीन कार्य प्रणाली, कार्य आवंटन नियम, विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना नियमावली विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अनुपूरक अनुमान विधानसभा के प्रत्येक सत्र में लाया जा सकता है। उन्होंने वजट और बजट प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। वित्तीय अनुशासन के साथ विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है। वित्तीय आत्मनिर्भरता लक्ष्य होना चाहिए। उन्होने बजट प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
अपर सचिव सुधीर कोचर ने राज्य स्तरीय प्रशासनिक संरचना विषय पर जानकारी दी। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया और प्रशासनिक शब्दावली की जानकारी भी दी। दुष्यंत सिंह ने भी सोशल मीडिया प्रबंधन, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ समन्वय पर और श्री वाय. के. पाठक ने सुशासन में प्रोद्योगिकी का महत्व ई-ऑफिस, भण्डार क्रम प्रक्रिया ई-टेंडरिंग नियम तथा जेम की जानकारी दी।
लीडरशिप समिट के दूसरे सत्र में डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने अन्य भाजपा संचालित राज्य सरकारों की सफल योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने गुजरात के बड़ोदरा में शुरू की गई जन-विश्वास बस योजना, केनाल टॉप सोलर प्रोजेक्ट, शाला प्रवेश उत्सव, अहमदाबाद का बीआरटीएस, उत्तर प्रदेश का नकलमुक्त प्रदेश अभियान, एक जिला-एक उत्पाद योजना, हरियाणा की परिवार पहचान-पत्र योजना, महाराष्ट्र की जलयुक्त शिवार योजना, गोवा की स्वयं पूर्ण योजना और राजस्थान की अंत्योदय योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने गोवर्धन योजना पर भी चर्चा की।
