राहुल गांधी के दिल और दिमाग में सिर्फ नफरत – शिवराज

Satnafirst Desk
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भोपाल. 3 मार्च. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कॉंग्रेस नेता राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के दिल और दिमाग में सिर्फ नफरत भरी है. उनके दिल में कांग्रेसियों के लिए भी प्यार नहीं है. बरसों बरस बीत जाते, पर उनके नेता ही उनसे नहीं मिल पाते है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राहुल के कारण ही कांग्रेसी कांग्रेस छोड़-छाड़ कर भाग रहे हैं. हालत ऐसी है कि कांग्रेसियों के साथ उनकी ही पार्टी में अन्याय हो रहा है. देश प्यार से जी रहा है और राहुल के दिल में नफरत है. जिसके दिमाग में जो होता है वही उसकी जुबान से निकलता है. दुनिया जानती है कि आखिर नफरत किसने फैलाई.

कॉंग्रेस की वज़ह से लगी थी इमरजेंसी

उन्होंने कहा कि 1984 के दंगों में आखिर किसने नफरत फैलाई थी.. सिख भाई और बहनों को जिंदा जलाया गया था. नफरत को कांग्रेस ने फैलाई थी. आज अगर हिंदुस्तान का विभाजन नहीं होता, तो पंडित जवाहरलाल नेहरू के कारण आज भारत नहीं टूटता. नेहरू ने ही हिंदू और मुसलमान के नाम पर देश को बांटने का काम किया. उन्होंने कहा कि देश को बांटने वाले तुम, नफरत फैलाने वाले तुम, इमरजेंसी लगाने वाले तुम, चुनी सरकारें गिरने वाले तुम और आरोप बीजेपी पर मढ़ते हो, इनके दिलों दिमाग में परिवार बाद और वंशवाद के अलावा सबके लिए नफरत भरी है. नफरत से भारी कांग्रेस, राहुल गांधी, सोनिया गांधी है. यह कभी देश का भला नहीं कर सकते ना ही भला सोच सकते हैं. यदि प्यार भरा दिल होता तो जनता ठुकराती क्यो? यही कारण है कि आज कांग्रेस में भगदड़ मची हुई है.

गुजरी पार्टी बनकर रह जाएगी कॉंग्रेस

शिवराज ने कहा कि हम तो यही सोच रहे हैं कि इन्हें सोच समझ कर ही बोलना चाहिए. कांग्रेस की हालत ऐसी है जैसे छेद हो गया है नाव में, प्राण बचाओ,जान बचाओ भागो भागो. पिछली बार मध्य प्रदेश में आए थे जहां-जहां से राहुल गांधी गुजरे वहां वहां से कांग्रेस गुजर ही गई. अब मध्य प्रदेश में क्या?, देश में जहां-जहां से गुजरेंगे राहुल गांधी, वहां वहां भी कांग्रेस पार्टी गुजरी पार्टी बनते हुए इतिहास बन कर जाएगी. *कौन राहुल गांधी कहां के राहुल गांधी ना सोच है ना विचार है ना दिशा है ना दशा है ना नीति है ना नियत है ना नेता है. बस, बस में बैठे घूम रहे हैं कांग्रेसी बेसहारा घूम रहा है ना टिकट है ना बैठ के हैं मगर भैया है कि बस में घूम रहे हैं, इससे कुछ नहीं होना.

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