सी-विजिल एप – रीवा में 86 समेत 4 अप्रैल तक मिलीं 2036 शिकायतें

Satnafirst Desk
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  • सी-विजिल एप में शिकायतों का हो रहा त्वरित निराकरण.
भोपाल, 5अप्रैल. 16 मार्च से आदर्श चुनाव आचरण संहिता लागू होते ही सी-विजिल एप पर शिकायतें प्राप्त होने लगी हैं। चार अप्रैल तक प्रदेश के सभी जिलों से सी-विजिल एप पर कुल 2036 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। इन सभी शिकायतों का तत्परता से निराकरण कर दिया गया है।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि मुख्य रूप से सागर में 211, उज्जैन में 179, ग्वालियर में 140, राजगढ़ में 117, इंदौर में 101, सीहोर में 93, रीवा में 86, मुरैना में 83 और खरगोन में 75 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने प्रदेश के नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि वे निर्वाचन में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत सीधे आयोग को करना चाहते हैं, तो वे सी-विजिल एप के माध्यम से कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित नागरिक को गूगल प्ले स्टोर पर जाकर सी-विजिल एप डाउनलोड करना होगा। इसके लिए नागरिक को ऐसी किसी भी घटना की जानकारी होने पर फोटो या वीडियो सी-विजिल एप पर अपलोड करना होगा। शिकायत मिलने पर अगले 100 मिनट में कार्यवाही की जाएगी।

“सी-विजिल एप” भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आदर्श चुनाव आचरण संहिता के उल्लंघन वाली शिकायतों के निवारण के लिए तैयार किया गया है। इस एप के जरिए कोई भी नागरिक राजनैतिक दलों या प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए किसी भी तरह से धन, सामग्री, कपड़ें, जेवरात आदि का वितरण करने, मतदाताओं को उनके पक्ष में मतदान करने के लिए धमकाने, मतदाताओं को स्वयं के वाहन से लाने-ले जाने, किसी भवन स्वामी की अनुमति के बिना उसके भवन, दीवारों या परिसर पर प्रचार सामग्री चस्पा करने, लगाने या दीवार पर विज्ञापन लिखवाने सहित अन्य प्रकार की शिकायतें कर सकता है।

दो लाख 60 हजार 74 लाइसेंसी शस्त्र जमा कराये गये

राजन ने बताया कि प्रदेश में 2 लाख 60 हजार 74 लाइसेंसी शस्त्र थानों में जमा करा लिये गये हैं। प्रदेश में 22 हजार 306 गैर जमानती वारंटों की तामीली भी हो चुकी है। अब तक 676 शस्त्रों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान अब तक 1 हजार 913 अवैध हथियार, 491 कार्टिज एवं 2 विस्फोटक पदार्थ जब्त किये गये हैं। साथ ही 1 हजार 776 व्यक्तियों पर विभिन्न धाराओं में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। प्रदेश में कुल 285 अंतर्राज्यीय नाकों एवं 474 आंतरिक नाकों से कड़ी निगरानी की जा रही है। प्रदेश में 787 फ्लाईंग स्क्वाड (उड़नदस्ता), 783 सर्विलांस टीम (एसएसटी) एवं 59 क्विक रिसपांस टीम (क्यूआरटी) कार्य कर रही हैं।

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