केवल युवा ही बना सकते भारत को आत्मनिर्भर से विकसित भारत

Satnafirst Desk
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– जिला स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद आयोजित.

सतना, 18 फरवरी. केवल युवा ही भारत को आत्मनिर्भर से विकसित भारत बना सकते है, ये विचार कार्यक्रम में जिला स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद में युवाओ ने व्यक्त किये।
नेहरू युवा केंद्र कार्यालय सतना में एनएस के सहयोग से शनिवार को वर्चुअल मोड में जिला स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद कार्यक्रम  हुआ। इस युवा संसद में रीवा, सीधी, सिंगरौली एवं सतना जिले के माय भारत पोर्टल पर पंजीकृत 18 से 25 वर्ष के युवाओं ने विचार व्यक्त किये। भारत को विश्व गुरु बनाना आत्मनिर्भर से विकसित भारत तक एवं भविष्य को सशक्त बनाना जैसे विषयों पर आयोजित संवाद प्रतियोगिता में सतना जिले से शिवानी पाण्डेय प्रथम तथा रजत रचित मिश्रा द्वितीय स्थान अर्जित किया।
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इसी प्रकार रीवा जिले से साक्षी त्रिपाठी ने प्रथम, उत्कर्ष तिवारी ने द्वितीय स्थान अर्जित किया। सीधी जिले से स्तुति पाण्डेय प्रथम, नीरज कुमार द्विवेदी द्वितीय तथा सिंगरौली से नैंसी सिंह परिहार प्रथम, अनिल कुमार शाह ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले चयनित युवाओं को राज्य स्तर में प्रतियोगिता में सहभागिता का अवसर मिलेगा।  निर्णायक मंडल मे जिला संगठक एनएसएस डॉ क्रांति मिश्रा, प्राचार्य रामाकृष्ण कॉलेज डॉ छाया श्रीवास्तव, डॉ राखी सिंह सोलंकी, डॉ सपना दहिया एवं नेहरू युवा केंद्र से रिटायर्ड जिला युवा समन्वयक अब्दुल गफ्फार खान ने सहयोग प्रदान किया।

जिला युवा अधिकारी नेहरू युवा केंद्र वीरदीप कौर ने बताया कि जिस तरह से जिले में युवा सांसद वर्चुअल मोड में आयोजित हुई है। इसी तरह राज्य स्तर में भी वर्चुअल मोड पर आयोजन किया जाएगा। जिले से चयनित प्रथम दो युवाओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विचार व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। सभी राज्यों से तीन प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। जिन्हें राष्ट्रीय युवा संसद में सहभागिता का अवसर मिलेगा। जहां प्रथम पुरस्कार पर 2 लाख, द्वितीय पुरस्कार पर 1.5 लाख एवं तृतीय पुरस्कार पर 1 लाख और 50-50 हजार के दो सांत्वना पुरस्कार दिए जायेंगे।

युवा संसद कार्यक्रम का उद्देश्य

जिला युवा अधिकारी ने बताया कि युवा संसद कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी के बीच आत्म-अनुशासन की भावना, विविध विचारों के प्रति सहिष्णुता, विचारों की नेक अभिव्यक्ति और लोकतांत्रिक जीवन शैली के अन्य गुणों को विकसित करना है। यह योजना छात्रों को संसद की प्रथाओं और प्रक्रियाओं, चर्चा और बहस की तकनीकों से भी परिचित कराती है और उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व भावना और प्रभावी वाक-पटुता कौशल विकसित करती है। युवा संसद कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को देश के संसद भवन में विचार व्यक्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

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