विधानसभा- जुलाई में आएगा पूर्ण बजट, पूरी होगी पीएम मोदी की गांरटी

Satnafirst Desk
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– विधानसभा में अनुपूरक बजट रखने से पहले पत्रकारों से बोले उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा.

भोपाल 12 फरवरी. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि हमने अभी अंतरिम बजट पेश किया है. लोकसभा चुनाव पूरे होने के बाद जुलाई में हम पूरा बजट लाएंगे. अंतरिम बजट में चार माह के लिए किसानों, महिलाओं की योजनाओं के लिए विभागों को राशि आवंटन किया है. प्रदेश सरकार बजट के माध्यम से पीएम नरेंग्र मोदी की गांरटी को पूरी करेगी.

सोमवार को वे विधानसभा में अंतरिम बजट प्रस्तुत करने से पहले सम्मेलन कक्ष के बाहर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मप्र सरकार मोदी की गारंटी पर काम कर रही है. अभी चार माह के लिए अंतरिम बजट ला रहे हैं, लिहाजा कोई नई योजना फिलहाल नहीं लाया है. अंतरिम बजट में हमने सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. सरकार आम चुनाव के बाद जुलाई में पूर्ण बजट प्रस्तुत करेगी.

2024-25 के बजट अनुमान में आय व खर्च (रुपए में)

1. कुल राजस्व प्राप्तियां – 2,52,268.03 करोड़

2. राज्य कर से राजस्व प्राप्तियां – 96,553.30 करोड़

3. गैर कर राजस्व प्राप्तियां – 18,077.33 करोड़

4. राजस्व व्यय- 2,51,825.13 करोड़

5. पुनरीक्षित अनुमान में राजस्व व्यय – 2,31, 112.34 करोड़

6. बजट अनुमान में राजस्व आधिक्य – 442.90 करोड़

7. कुल पूंजीगत प्राप्तियां का बजट अनुमान – 59,718.64 करोड़

8. कुल पूंजीगत परिव्यय का बजट अनुमान – 59,342.48 करोड़

बजट में ये रखे गए प्रावधान

प्रधानमंत्री जन-मन और आवास योजना पर भी विशेष ध्यान

– विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया क्षेत्रों में आवास निर्माण, सामुदायिक केंद्र, आंगनबाड़ी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, तीन वर्ष में साढ़े सात हजार करोड़ रुपये इन योजनाओं में होंगे व्यय. प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के लिए भी राज्यांश की व्यवस्था की जाएगी.

इन मदों में मिलेगा आवंटन –

अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और मेधावी विद्यार्थी योजना के लिए राशि निर्धारित. आयुर्वेदिक कालेज की स्थापना, जननी एक्सप्रेस वाहनों की संख्या में वृद्धि, सिंहस्थ 2028, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सहित अन्य योजनाएं.

– केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए भारत सरकार ने अंतरिम बजट में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है. इस अनुपात में प्रदेश सरकार राज्यांश की व्यवस्था करेगी. एकीकृत पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना के लिए भी प्रतीकात्मक प्रावधान किया.

– मोटे अनाज की खेती को प्रोत्साहित करने रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया.

– लाड़ली बहना को प्रतिमाह 1250 रुपये की राशि के हिसाब से चार माह का आवंटन महिला एवं बाल विकास विभाग को देंगे.

– किसानों को बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराने सहकारिता विभाग को ब्याज अनुदान योजना में राशि मिलेगी. तीन वर्षों के लिए 105 करोड़ रुपये की स्वीकृति सरकार ने दी है.

– प्रदेश में अधोसंरचना विकास के लिए सात एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं. इसके लिए लेखानुदान में अंशदान रखा जाएगा.

 जमीन पर दिखे बदलाव, तभी हम गांरटी को मानेंगे : कांग्रेस

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस इस अंतरिम बजट का समर्थन नहीं करती है. भाजपा कहती है कि मोदी की गारंटी पूरी कर रहे हैं, पर हमें कोई गांरटी पूरी तरह से नजर नहीं आ रही है. जमीन पर कुछ बदलाव दिखेगा, तभी हम मानेंगे. घोषणाएं पूरी होती नजर नहीं आ रही है. आयकर विभाग के नोटिस को लेकर सिंघार ने बिफरते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं से पांच साल पहले के जवाब आज क्यों मांगे जा रहे हैं. चुनाव आ गए हैं, तो दबाव बनाने की राजनीति हो रही है. पांच साल में जवाब क्यों नहीं मांगे? भाजपा सरकार आइटी विभाग के माध्यम से कांग्रेस नेताओं को ब्लैकमेल कर रही है. वही विपक्ष के उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि जब 2023-24 का 58 प्रतिशत बजट ही खर्च हुआ है, 42 प्रतिशत बजट बकाया है तो मप्र के ऊपर नया कर्जा क्यों लादना चाह रही है? ऐसे में हम इस लेखानुदान का समर्थन नहीं कर सकते हैं.

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