- कार्यवाही के डर से अधिकतर अनाधिकृत चिकित्सा व्यवसायियों ने बंद किए सेंटर्स
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत की जा रही इस कार्यवाही में निरीक्षण दलों द्वारा चिकित्सा व्यवसाय कर रहे व्यक्तियों की डिग्री, चिकित्सा पद्धति, काउंसिल का पंजीयन , मप्र उपचार्यगृह एवं रूज़ोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम, गुमास्ता लाइसेंस की जांच की जा रही है। बुधवार को शासकीय अवकाश होने के वावजूद सेंटर्स की जांच जारी रही किंतु अब अधिकांश क्लिनिक्स एवं पैथोलॉजी सेंटर्स बंद पाए गए। अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय कर रहे व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई हेतु पुलिस, नगर निगम, औषधि प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण मंडल को भी सूचना दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि निरीक्षण दलों द्वारा मंगलवार को संदिग्ध चिकित्सा व्यवसायियों के यहां जांच की गई कार्रवाई के डर से अधिकतर क्लीनिक अब बंद पाए जा रहे हैं। शासन की मंशानुरूप यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी, ताकि बिना शासन की अधिकृत अनुमति के चिकित्सा व्यवसाय कर रहे लोगों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जा सके। शासन द्वारा निर्धारित सभी अनुमतियां प्राप्त करने के बाद ही चिकित्सा व्यवसाय किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है।
