कलेक्टर मैहर ने दिए मनरेगा लेबर बजट बनाने के निर्देश

Satnafirst Desk
4 Min Read
  • जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारियो की बैठक लेकर समीक्षा की.
WhatsApp Group Join Now

सतना 16 मई. कलेक्टर मैहर रानी बाटड ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारियों की बैठक लेकर मैहर जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर बाटड ने मैहर जिले के सभी जनपद पंचायत मैहर, अमरपाटन और रामनगर की समीक्षा बैठक में ग्राम पंचायतवार मनरेगा के तहत पुराने अपूर्ण लंबित कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि जिले में मनरेगा के तहत हितग्राहियों के मैहर में 42 हजार, रामनगर में 16 हजार, अमरपाटन में 14 हजार जॉब कार्ड बनाये गये हैं। जिसमे से मैहर में 24 हजार, रामनगर में 10 हजार और अमरपाटन में 11 हजार 600 कार्ड सक्रिय हैं। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण विकास के कार्यों और रोजगार योजनाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को प्राथमिकता से काम दिया जाये। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों तथा महिला और दिव्यांगों के सक्रिय जॉब कार्ड की सूची बनाकर लेबर बजट बनाने के निर्देश दिये।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत संजना जैन, कार्यपालन यंत्री आरईएस अश्वनी जायसवाल, सीईओ जनपद पंचायत एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक में पाया गया कि मनरेगा में सौ दिन पूरे करने वाले हितग्राहियों की संख्या काफी कम है। कलेक्टर ने कहा सभी ब्लाक में सौ दिन रोजगार प्राप्त करने वाले हितग्राहियों की संख्या कम से कम एक हजार से अधिक होनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा की जिले में मनरेगा के तहत होने वाले तालाब, आंगनवाड़ी, सीसी रोड, नाली, वृक्षारोपण के कार्य, जो कि पिछले 5 सालों से अधूरे पड़े हुए है उन्हें पुनः पूर्ण करने या फिर नहीं हो सकने वाले कार्यों को बंद करने के लिये विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें। बैठक में पीओ मनरेगा को पुराने अधूरे पड़े कार्यों के लिए एजेंसी के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये।

कलेक्टर ने मनरेगा की समीक्षा करते हुए कहा कि पौधारोपण का कार्य मनरेगा में बड़ा लक्ष्य होता है। मगर जिले में खासतौर पर रामनगर ब्लाक में कही भी पौधा रोपण के कार्य नहीं किया गया है। रामनगर ब्लाक में पानी की समस्या को देखते हुए अधिक से अधिक पौधा रोपण करने की आवश्यकता है। कलेक्टर ने स्कूल, ग्राम पंचायतों, आंगनवाड़ी में पौधारोपड़ करने के निर्देश दिये। इसके अलावा पौधारोपण और नंदन फल उद्यान पर फोकस करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर बाटड ने तीनों ब्लाक के सीईओ को ग्राम पंचायत के निर्माण कार्य जो बंद या अधूरे पड़े हुए है, उन्हें पूर्ण कराने और जो किसी स्थिति में पूरे नहीं किए जा सकते हैं, उन्हें सूची से हटाने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि अधूरे पड़े कार्यों की जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। जिन ग्राम पंचायतों में कई सालो से कार्य अधूरे पड़े हुये हैं। ऐसी पंचायतों को काम पूरा होने के बाद ही नए काम आवंटित किये जाये। जिले के सभी पीसीओ पंचायतों का निरीक्षण कर जिला पंचायत को सूचित करें एवं संबल योजना, समग्र, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन, पंचायत द्वारा की जाने वाली टैक्स वसूली सभी की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी जनपद को ग्रामीण विकास के अपने कार्यों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जनपद सीईओ और उपयंत्री को ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की प्रगति के संबंध में प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिये गये।

Share This Article