सतना, 4 जुलाई . कलेक्ट्रेट सभागार में मैहर कलेक्टर रानी बाटड एवं पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल की उपस्थिति में अति. जिला अभियोजन अधिकारी रीवा श्रीमती आदर्श सिंह सोलंकी द्वारा जिले के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं विभागीय अधिकारियों को 1 जुलाई से लागू नए कानून का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक मुकेश वैश्य, एसडीएम मैहर विकास सिंह, एसडीएम अमरपाटन आरती यादव, एसडीएम रामनगर डॉ. आरती सिंह, लोक अभियोजन अधिकारी गणेश पाण्डेय, निरीक्षक अंजु पटेल, तहसीलदार जितेंद्र पटेल, रामदेव साकेत एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर बाटड ने कहा कि भारतीय दंड संहिता को भारतीय न्याय संहिता में बदल गया है। अब न्याय संहिता पीड़ित केंद्रित हो गई है। अब जनता को जल्द न्याय मिलेगा। न्याय जल्द मिले इसके लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। अब पीड़ित स्वयं अपनी तरफ से वकील भी ले जा सकता है। किसी भी केस में पीड़ित को सुनना अब बहुत जरूरी है। बिना सुने किसी भी केस की वापसी नहीं होगी। नवीन धाराओं में जुर्माने के साथ-साथ सजा की अवधि भी बढ़ाई गई है। कई नई धारा जोड़ी गई है और कुछ हटाई गई है। जीरो एफआईआर और ई एफआईआर का प्रावधान किया गया है। पहले 167 धारा हुआ करती थी, जिसको बढ़ाकर अब 170 कर दी गई है।
सुरक्षा के साथ न्याय दिलाने पर ज्यादा फोकस किया गया है। आतंकवादी कृत्य को भी इसमें शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश में एक जुलाई से तीन नवीन कानून लागू किये गये। भारतीय न्याय व्यवस्था के तहत तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को एक जुलाई 2024 से प्रदेश में लागू कर दिया गया। नवीन कानूनों के संबंध में लोगों को जानकारी देने तथा जागरूक करने के उद्देश्य से जिले भर में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
