- नगरीय निकाय एवं आवास मंत्री की अध्यक्षता में नगरीय निकायों की हुई समीक्षा.
उन्होंने बताया कि बजट का बड़ा हिस्सा बिजली बिल में जाता है। सौर ऊर्जा से बिजली बिल कम कर राशि को विकास कार्यों में लगा सकते हैं। प्रधानमंत्री सूर्य लक्ष्मी योजना से नगरीय निकाय, निजी भवन मालिकों को घरों पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि ग्रीन पॉवर में प्रदेश नम्बर 1 हो, नगर निगम अपनी आय बढ़ा कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य करें। विज्ञापन के माध्यम से आय वृद्धि की जा सकती हैं। पुनर्घनत्वीकरण परियोजना को नगरीय निकायों द्वारा लिया जायें और प्रक्रिया को सरल किया जायें। शासकीय भवनों से भी सेवा कर लिया जायें।
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि जनभागीदारी का सबसे अच्छा उदाहरण इंदौर शहर हैं। यहाँ पौध-रोपण कार्यक्रम में की लोगों ने लाखों पेड़ लगा दिये। सफाई से निगम की छवि बनती हैं, इसलिए सफाई के लिए विशेष ध्यान दिया जाये। कई योजनाओं में प्रदेश नम्बर 1 है तो आगे भी बना रहें। अपने क्षेत्र में ग्रीन एरिया चिन्हित कर वृक्षारोपण करायें, आने वाली पीढ़ी के लिए पर्यावरण संरक्षण बहुत आवश्यक हैं।
अवैध कालोनियों पर नियंत्रण रखने के निर्देश
मंत्री विजयवर्गीय ने अवैध कालोनियों पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिये। आवारा कुत्तों पर नियंत्रण एवं उनके द्वारा काटने की घटनाओं को रोकने के लिए कार्य करने के निर्देश दिये। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि मल्टी स्टोरी भवनों के लिफ्ट एवं फायर सेफ्टी सिस्टम नगरीय निकाय द्वारा देखें जाये। फायर संचालनालय का गठन किया जायेगा, इसके लिए लगभग 4 सौ करोड़ का बजट प्रस्तावित हैं। नये सिरे से फायर एक्ट भी बनाये जाऐगें। नगर निगमों तक संसाधनों को पहुंचाया जायेगा। किरायेदारी अधिनियम बनायेंगे, जिससे संपत्ति के मालिक का स्वामित्व बना रहे और किरायेदार को भी असुविधा न हों। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि शहरों में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के लिए बारात, जुलूसों आदि के लिए नियम बनाये जायेंगे। उन्होंने लोक निर्माण, गृह निर्माण मंडल, रेल्वे, विद्युत, दूरसंचार आदि से नगरीय क्षेत्रों में अपने विभागीय कार्यों को करने के पहले आयुक्त एवं महापौर से चर्चा करने के निर्देश दिये। जिससे सड़कों पर टूट-फूट होने को रोका जा सके।
राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि निकायों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये सभी ने सुझाव दिये है। सबके सहयोग से प्रदेश के सभी निकायों को सुंदर एवं स्वच्छ बनाते हुए विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगें। पर्यावरण, अपशिष्ट प्रबंधन, सौर संयंत्र, जल संग्रहण, नदियों की स्वच्छता इत्यादि पर और बेहतर कार्य करना सुनिश्चित किया जायें। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने सौर ऊर्जा पर प्रेंजेंटेशन दिया। उन्होंने इसे वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता में मदद मिल सकेगी।
शहरीकरण की आवश्यकता पर प्रेंजेंटेशन
प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास नीरज मण्डलोई ने शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने शहरीकरण की आवश्यकता पर अपना प्रेंजेंटेशन दिया। प्रमुख सचिव पर्यावरण, पशुपालन एवं डेयरी गुलशन बामरा ने कहा कि जल, भूमि प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन करें। नदियों में प्रदूषण कम करने और प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करने के कानूनी प्रावधानों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करायें। आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ ने शहरों में हॉस्टल एवं मैरिज गार्डन के लिए नियम बनाये जाने के साथ “नगर विकास योजना” पर प्रेंजेंटेशन दिया।
विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुईं
बैठक में विगत 5 वर्षों में नगर पालिक निगम को स्वयं की आय में वृद्धि तथा वर्तमान वर्ष के बजट, पेयजल आपूर्ति के संचालन/संधारण में व्यय तथा आय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वर्तमान पेयजल आपूर्ति (स्त्रोत, वितरण, गुणवत्ता, मात्रा तथा नागरिकों की संतुष्टि), अमृत 1.0 तथा 2.0 की अद्यतन स्थिति, स्वच्छ भारत मिशन 1.0 तथा 2.0 की अद्यतन स्थिति, कायाकल्प योजना में स्वीकृति तथा प्रगति, पौध-रोपण अभियान लक्ष्य तथा प्रगति, प्रधानमंत्री आवास योजना-अद्यतन स्थिति, प्रगति, बसों के संचालन एवं संख्या, सवारी, प्रचलित कॉन्ट्रेक्ट, भविष्य की योजना, वित्तीय स्थिति एवं ई-बस संचालन की तैयारी, निकायों की स्वयं की आय बढ़ाने संबंधी विषय एवं सुझाव, अनाधिकृत कॉलोनी में अधोसरंचना निर्माण तथा भवन अनुज्ञा की अद्यतन स्थिति आदि विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुईं। आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास श्री भरत यादव ने आभार माना। बैठक में प्रदेश के नगरीय निकायों के महापौर, आयुक्त नगर निगम, सीईओ स्मार्ट सिटी एवं नगरीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
