शासकीय परिसम्पत्तियों को खसरे में दर्ज कराने के निर्देश

Satnafirst Desk
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रीवा, 30 मई. शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत जिले भर में निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। विभिन्न निर्माण एजेंसियाँ शासकीय भूमि तथा किसानों से भू अर्जन से प्राप्त भूमि पर सड़क, पुल, नहर, भवन तथा अन्य निर्माण कार्य कर रहे हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इससे नवीन शासकीय परिसम्पत्तियों का निर्माण हो रहा है।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी एसडीएम तथा तहसीलदारों को शासकीय परिसम्पत्तियों को खसरे में दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि शासकीय भूमि तथा भू अर्जन से प्राप्त भूमि पर किए गए सभी निर्माण कार्यों को राजस्व अभिलेख में सात दिवस में दर्ज कराएं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बनाए गए सभी अमृत सरोवरों तथा अन्य तालाबों को भी राजस्व अभिलेख में दर्ज कराएं। जिससे इन तालाबों का उपयोग मछली पालन के लिए किया जा सके।

खसरे में दर्ज होने के बाद ही तालाबों का आवंटन मछली पालन के लिए किया जाता है। तालाबों तथा परिसम्पत्तियों को खसरे में दर्ज न करने पर उनमें अतिक्रमण को बढ़ावा मिलता है। सभी एसडीएम आगामी टीलए बैठक में परिसम्पत्तियों को खसरे में दर्ज कराने का प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। साथ ही शासकीय परिसम्पत्तियों का अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाएं।

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