मुद्रित सामग्री में प्रेस और संख्या का अनिवार्य रूप से करें उल्लेख

Satnafirst Desk
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सतना, 22 मार्च. कलेक्ट्रेट सभागार सतना में शुक्रवार को मुद्रकों तथा प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि सभी मुद्रक, उम्मीदवार अथवा उनके मान्य प्रतिनिधि से घोषणा पत्र प्राप्त करने के बाद ही चुनाव सामग्री मुद्रित करें। मुद्रित चुनाव सामग्री में कुल संख्या तथा मुद्रक के नाम का अनिवार्य रूप से उल्लेख करें।

उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127‘क’ के अन्तर्गत प्रकाशक उम्मीदवार या राजनैतिक दल की प्रचार सामग्री मुद्रण करने के पूर्व निर्धारित प्रारूप में अनिवार्य रूप से घोषणा पत्र प्राप्त करेंगे। मुद्रण का अभिप्राय किसी दस्तावेज की अनेकानेक प्रतियां तैयार करने से है। निर्वाचन पम्पलेट अथवा पोस्टर तथा निर्वाचन संबंधी अन्य सामग्री मुद्रित करने पर सामग्री पर मुद्रक तथा प्रकाशक का नाम, पता स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना अनिवार्य होगा। इस तरह की सभी सामग्री निर्वाचन सामग्री की श्रेणी में आएगी, जो अभ्यर्थी या अभ्यर्थियों के निर्वाचन को समप्रवर्तित या प्रतिकूलता प्रभावित करने के प्रयोजन से मुद्रित कराई जाएगी।

वानखेड़े ने कहा कि सभी मुद्रणालयों को सामग्री मुद्रण करने के तीन दिवस के अन्दर प्रत्येक मुद्रित सामग्री की 3 अतिरिक्त प्रतियों सहित जिला दण्डाधिकारी कार्यालय में जमा करानी होगी। परिशिष्ट ‘क’ में मुद्रक द्वारा प्रकाशक से संबंधित उम्मीदवार, राजनैतिक दल से जो घोषणा पत्र लिया जाएगा। वह घोषणा पत्र साफ-सुथरा विधिवत रूप से हस्ताक्षरित तथा उसे व्यक्तिगत तौर पर जानने वाले दो व्यक्तियों द्वारा अनुप्रमाणित होना चाहिए। जिला दण्डाधिकारी को अग्रेषित करते समय मुद्रक द्वारा अनिवार्य रूप से अनुप्रमाणित किया जाएगा।

मास्टर ट्रेनर डॉ बीके गुप्ता ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 127‘क’ के तहत प्रकाशित की जाने वाली सामग्री पूर्वाग्रह से ग्रसित, द्वेष फैलाने वाली और आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन की नहीं होनी चाहिये। मुद्रक द्वारा जिस जिले में सामग्री का मुद्रण, प्रकाशन किया जा रहा है। उस जिले के जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय अथवा एमसीएमसी प्रकोष्ठ में मुद्रित सामग्री की 4 प्रतियां, प्रकाशक की घोषणा, मुद्रण संबंधी विवरण प्रारुप‘क’ एवं ‘ख’ सहित तीन दिवस में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने कहा कि मुद्रक द्वारा मुद्रित सामग्री प्रकाशित करने के तीन दिवस के अंदर सामग्री की चार प्रतियां प्रकाशक से प्राप्त घोषणा पत्र प्रिन्टर के दस्तावेज की संख्या, मुद्रण के वसूल की कीमत का ब्यौरा संलग्न कर निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत किया जाएगा। सभी सामग्री की मुद्रक द्वारा अलग-अलग मुद्रित प्रतियों की संख्या और वसूल की गई राशि की जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी। बिना घोषणा पत्र प्राप्त किये चुनाव सामग्री प्रिंट करने पर आईपीसी की धारा 171‘एच’ के तहत विधिक कार्यवाही की जायेगी। बैठक में मास्टर ट्रेनर डॉ बीके गुप्ता, अध्यक्ष प्रिंटर एसोसियेशन संजय शाह, केजी गुप्ता एवं प्रिटिंग प्रेस संचालक उपस्थित रहे।

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