- कलेक्टर मैहर ने समय-सीमा की बैठक में दिये निर्देश.
सतना 23 मई. कलेक्टर मैहर रानी बाटड ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मैहर में समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण गंभीरता के साथ करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि पोर्टल पर अधिकारियों द्वारा अंकित किये जाने वाले जवाब गुणवत्तापूर्ण होने चाहिये। कलेक्टर ने कहा कि अनेकों बार विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करने के बाद भी सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों को अटेंड करने में लापरवाही बरती जा रही हैं। उ
न्होने कहा कि यदि अब शिकायत नॉट अटेंड हुईं तो संबंधित विभाग के खिलाफ नोटिस जारी की जायेगी और संबंधित अधिकारी का एक दिवस का वेतन भी काटा जायेगा। सीएम हेल्पलाईन प्रकरणों की समीक्षा में पाया गया कि इस माह की 62 शिकायतें नॉट अटेंड हैं। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय अधिकारी ध्यान रखें कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायते नॉट अटेंड नही होनी चाहिए। 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतो का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करते हुये बंद करायें।
कलेक्ट्रेट मैहर के सभाकक्ष में अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह, एसडीएम विकास सिंह, आरती यादव, डॉ आरती सिंह सहित सतना और मैहर जिले के विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पाया गया स्वास्थ्य विभाग की सीएम हेल्पलाइन पोर्टल में 5 शिकायते नॉट अटेंड हैं। सीएम हेल्प लाइन में लंबित शिकायतो का निराकरण नहीं करने एवं संतुष्टिजनक जवाब नहीं देने पर कलेक्टर ने विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर की। स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने कहा कि प्रसूति सहायता पोर्टल में दिक्कतों के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसकी वजह से हितग्राहियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में अनेकों बार दिशा-निर्देश दिये गये हैं। फिर भी अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निराकरण नहीं किया जा रहा है।
इस पर कलेक्टर ने सभी बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। साथ ही निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतो का निराकरण करना सुनिश्चित करें। हितग्राहियों के लाभ से संबंधित शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिये। कलेक्टर ने कहा की जिस हितग्राही को योजना के तहत भुगतान किया जा चुका हैं। उन शिकायतो को संतुष्टि पूर्वक बंद करवाए और जो अपात्र हितग्राही है और योजना के लाभ के लिए सीएम हेल्पलाइन शिकायत डालते हैं, उन्हे डिमांड क्लोज से बंद करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती बाटड ने कहा कि गुरुवार को क्षेत्र के भ्रमण के दौरान जीतनगर के आंगनवाड़ी केंद्र बंद मिली थी। इस पर प्रभारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी को संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध केंद्र बंद रखने के संबंध नोटिस जारी करने को कहा गया था। उन्होने प्रभारी अधिकारी को निर्देशों का पालन नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये पूंछा कि अब तक नोटिस जारी क्यों नहीं की गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग को टीएल में अनुपस्थित रहने और वसूली न करने और कम सैंपलिंग करने के लिए फटकार लगाते हुए सैंपलिंग और वसूली का प्रतिदिन की जानकारी देने के निर्देश दिए।
मैहर जिले में हेडक्वार्टर बनाने और हफ्ते में मैहर जिले के लिए दिन निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा की सभी विभागो की सीएम हेल्पलाइन की शिकायते अन्य विभाग को हर महीने की 10 तारीख के पहले तक ही ट्रांसफर की जायेंगी। 10 तारीख के बाद भेजे जाने पर उसी विभाग को वापस भेज दी जायेंगी। प्राकृतिक प्रकोप विभाग में दो शिकायत हैं। जिसमे मुआवजे में मिली राशि से अधिक की मांग की जा रही हैं। जिन्हे कलेक्टर ने फोर्स क्लोज करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बोर और ट्यूबवेल के लिए पोर्टल बनाया गया है। जिसमे बोर करने वाली मशीनों का पंजीयन किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से बोर करवाने के आवेदन प्राप्त किए जायेंगे और साथ ही पोर्टल के माध्यम से अनुमति प्रदान की जायेगी।
