संस्कृत भाषा विश्व बंधुत्व की भावना जागृत करती है – शुक्ल

Satnafirst Desk
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रीवा ,मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि संस्कृत भाषा, देवभाषा मानी जाती है इसे जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। संस्कृत भाषा विश्व बंधुत्व की भावना जागृत करती है। सामाजिक बुराईयों का दमन संस्कृत भाषा से ही संभव है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संस्कृत भारती द्वारा जनपद संस्कृत सम्मेलनम का शुभारंभ किया।

      सिंधु भवन रीवा में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि संस्कृत भाषा को पुन: जनमानस में स्थापित कर व्यवहार भाषा बनाने के लिए कृतसंकल्पित संस्कृत भारती की सक्रियता सराहनीय है। संस्कृत भारती से जुड़े विद्वानों ने संक्रमण काल व विपरीत परिस्थितियों में भी संस्कृत भाषा को स्थापित रखा। इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। हमारे देश में सभी मांगलिक व धार्मिक कार्यक्रम संस्कृत के विद्वान पंडितों द्वारा ही संपन्न कराये जाते हैं। उन्होंने कहा कि रीवा में संस्कृत विश्व विद्यालय की स्थापना हो चुकी है और चार संकायों में विद्यार्थियों ने प्रवेश लेकर अध्ययन भी शुरू कर दिया है। शीघ्र ही इस विश्व विद्यालय का भव्य भवन व छात्रावास बनेगा और यह केन्द्र संस्कृत भाषा अध्ययन का महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा तथा विश्व विद्यालय संस्कृत भाषा को जनमानस में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।

 शुक्ल ने कहा कि देश व विदेश में रीवा के संस्कृत विद्वानों ने अपनी पहचान बना रखी है और उन्हें यह प्रतिष्ठा संस्कृत के कारण ही मिली है।  शुक्ल ने रीवा में संस्कृत सम्मेलनम आयोजन के लिए समिति को बधाई दी। इस अवसर पर अखिल भारतीय सहसंगठन मंत्री श्री जयप्रकाश गौतम एवं सूर्यप्रकाश गौतम ने भी अपना उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन संदीप मिश्रा एवं आभार प्रदर्शन शिवम चतुर्वेदी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में संस्कृत अनुरागी विद्वत्तजन तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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