- आंसू गैस का गोला प्रदेश उपाध्यक्ष के मुंह पर लगा.
भोपाल. 13 फरवरी. मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े। जैसे ही कार्यकर्ता विधानसभा के लिए शिवाजी नगर चौराहा (रेडक्रास हॉस्पिटल के सामने) पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इस दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास ने बैरिकेड लांघकर विधानसभा की ओर जाने की कोशिश की।
पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर केनन और आंसू गैस के गोले छोड़े। एक गोला युवक कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशांत पाराशर के मुंह पर लगा। इसके बाद पुलिस ने जीतू पटवारी, श्रीनिवास बीवी, विक्रांत भूरिया समेत कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। घेराव में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे भी शामिल हैं। प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट, अपराध, महिला असुरक्षा और सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में युवा कांग्रेस आंदोलन कर रही है।
प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, कांग्रेस का नारा था “रोजगार दो या गिरफ्तार करो”, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरीकेडिंग की हुई थी, जिसे कांग्रेस नेताओं ने पार करने की कोशिश की जिसे रोकने के लिए पुलिस ने वाटर केनन का इस्तेमाल किया, प्रदर्शन में शामिल पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित अन्य नेताओं ने गिरफ़्तारी देकर अपना आक्रोश जताया।
कांग्रेस ने मप्र की डॉ मोहन यादव सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है, कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने जो वादे किये, जो गारंटी दी उसके हिसाब से सरकार कोई काम नहीं कर रही, इसलिए आज प्रदेश का युवा, किसान सब परेशान हैं और आन्दोलन करने पर मजबूर हैं और कांग्रेस इनके साथ हैं ।
सरकार सदन में चर्चा से भागती है: हेमंत कटारे
विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा- हम लोग मध्य प्रदेश के युवाओं की आवाज उठा रहे हैं क्योंकि वे रोज पूछते हैं कि रोजगार कब मिलेगा? हम उन्हें आश्वासन देते हैं कि उनकी आवाज सदन में उठाएंगे। जब हम सदन में चर्चा करते हैं तो सरकार चर्चा से भागती है।
श्रीनिवास बोले- मोहन यादव रिमोट कंट्रोल
मुख्यमंत्री प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने जिस तरह से युवाओं के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें शर्म आनी चाहिए। मोहन यादव एक रिमोट कंट्रोल मुख्यमंत्री हैं, जिसके हाथ में कुछ नहीं है।
