- 50 लाख रुपये की अधिक लागत के निर्माण कार्यों की समीक्षा.
सतना 21 जून. कलेक्टर अनुराग वर्मा ने निर्माण विभागों एवं एजेंसियों से वर्तमान में जिले में चल रहे निर्माण और विकास के कार्यों को अधिकाधिक रूप से बरसात के पहले पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़कों के डामरीकरण का कार्य भी एक-दो दिन के भीतर पूर्ण करा लेने को कहा है। कलेक्टर ने गुरुवार को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल निगम, लोक निर्माण, एमपीएसआरडीसी, हाउसिंग बोर्ड, पीआईयू, नर्मदा घाटी विकास के अधिकारियों की बैठक लेकर 50 लाख रुपए से अधिक लागत वाले कार्यों की समीक्षा की।
इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत संजना जैन भी उपस्थित रहीं। हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि आई आईएसबीटी सतना शहर का अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा निकल चुकी है। जिसमें 30 सितंबर 2024 तक एक्सटेंशन मिला है। आईएसबीटी के निर्माण कार्य में तेजी लाएं और समय-सीमा में काम पूरा करें, ताकि शहर में ट्रैफिक की समस्या से शीघ्र राहत मिले।
उन्होंने कहा कि आईएसबीटी का काम अत्यंत धीमा होने के फलस्वरुप ठेकेदार को नोटिस भी दें। लोक निर्माण पीआईयू ने बताया कि जिले में कुल 23 कार्य स्वीकृत हैं। जिनमें 21 निर्माण कार्य जारी हैं। रामपुर बघेलान, नागौद, सोहावल में आईटीआई भवन और बिरसिंहपुर, रैगांव में अस्पताल भवन 31 अगस्त 2024 तक पूरे कर लिए जाएंगे। जल निगम के कार्यों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि पूरे जिले में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाई जा रही है। जल निगम के अधिकारी सभी निर्माण विभागों को पाइपलाइन बिछाने का प्लान और डिजाइन शेयर करें। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण वाले विभाग जल जीवन मिशन की बिछाई जा रही पाइपलाइन को बिना क्षतिग्रस्त किये अपनी सड़के बनायें। अन्यथा की स्थिति में जिस विभाग ने भी पाइपलाइन को तोड़ा या छतिग्रस्त किया, तो उतनी मरम्मत की राशि जल निगम को देनी होगी।
कलेक्टर ने सभी निर्माण विभागों से कहा कि अधूरे निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दें। ताकि बरसात में क्षतिग्रस्त नहीं हों। जल संसाधन और आरईएस के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अमृत सरोवर, बांध तथा तालाबों में बेस्ट बियर और अधिक पानी निकालने की व्यवस्था दुरुस्त रखें। ताकि ओव्हरफ्लो की स्थिति में संरचनायें टूटे नहीं। आरईएस के कार्यों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि बड़ी पंचायतों में बनाए गए हाट बाजार ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कर उन्हें उपयोगी बनाएं। पीआईयू एवं ग्रामीण विकास के भवन कार्यों को बरसात के पूर्व बाहर का कार्य पूर्ण कर आंतरिक कार्य बरसात के दौरान भी प्रारंभ रखने के निर्देश दिए गए।
