रीवा में नियमों को धता बताने वाले क्रैशर प्लांट की होगी जांच

Satnafirst Desk
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– एनजीटी के निर्देश पर 6 सदस्यीय टीम का गठन. 
भोपाल /रीवा,  14 मार्च. मानकों को धता बताने वाले क्रेशर प्लांट्स की जांच की जाएगी। जिसके लिए 6 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।  वहीं इस टीम को एक महीने के भीतर जांच रिपोर्ट न्यायालय में पेश करना है। जिसके आदेश 28 फरवरी को जारी किए गए थे। जहां 13दिनों का समय बीत चुका है।
दरसल  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल न्यायालय भोपाल में रीवा के अतुल जैन और एडवोकेट बीके माला ने याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी न्यायालय ने 28 फरवरी को आदेश पारित किया। जिसमें 6 सप्ताह के भीतर कमेटी बनाकर नियम विरुद्ध तरीके से संचालित क्रेशर पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। लेकिन 13 दिन का समय बीत जाने के बाद केवल टीम ही गठित हो सकी है। माना जा रहा है कि अब टीम जल्द से जल्द जांच प्रक्रिया शुरू करेगी।
बताया जा रहा है कि जांच टीम में मध्यप्रदेश प्रदूषण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड, सिया बोर्ड, रीवा कलेक्टर कार्यालय, खनिज विभाग के एक-एक सदस्य शामिल हैं। जांच कमेटी में कुल 6 सदस्य हैं। जो जांच के बाद जांच रिपोर्ट न्यायालय को सौपेंगे। शिकायतकर्ता और अधिवक्ता बीके माला ने बताया कि हमने याचिका दायर की थी।
जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आदेश में कहा कि जांच संयुक्त कमेटी करेगी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि रीवा के बनकुइया, हुजूर, बेला, भोलगढ़ समेत कई जगहों पर सैकड़ों की संख्या में क्रेशर प्लांट संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश प्लांट गाइडलाइन को ताक पर रखकर मनमानी तरीके से चलाए जा रहे हैं।
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