मीडिया में विज्ञापन और पेड न्यूज पर एमसीएमसी रखेगी पैनी नजर

Satnafirst Desk
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  • एमसीएमसी की अवलोकन समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण.
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सतना 28 मार्च. लोकसभा निर्वाचन के दौरान प्रिन्ट, इलेक्ट्रानिक, सोशल मीडिया तथा रेडियो के प्रसारण की सतत निगरानी करते हुए अभ्यर्थियों द्वारा दिये गये विज्ञापन, पेड न्यूज पर जिला स्तरीय एमसीएमसी पैनी नजर रखेगी। एमसीएमसी प्रकोष्ठ में बुधवार को सम्पन्न एमसीएमसी की अवलोकन समिति में शामिल अधिकारी, कर्मचारियों को कार्य दायित्व एमसीएमसी और पेड न्यूज से संबंधित निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का प्रशिक्षण दिया गया।

इस मौके पर जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. बीके गुप्ता, जनसम्पर्क अधिकारी एवं सदस्य-सचिव राजेश सिंह, सदस्य डॉ संजय पयासी, नोडल अधिकारी डीसीसी कमलेश्वर सिंह ने भी प्रशिक्षण दिया। मास्टर ट्रेनर डॉ. बीके गुप्ता ने कहा कि निर्वाचन में सौंपे गये कार्यों को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ समय पर पूरा करें। निर्वाचन व्यय में मीडिया में खर्चे का आकलन और पेड न्यूज का चिन्हांकन अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य होता है। अवलोकन समिति के सभी सदस्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने कार्य दायित्वों को निभाये।

मास्टर ट्रेनर डॉ. बीके गुप्ता ने एमसीएमसी की संरचना और कार्य दायित्व के बारे में बताया कि एमसीएमसी मुख्य रूप से दो भागों में काम करेगी। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों के इलेक्ट्रानिक, सोशल मीडिया और मतदान के 48 घंटे पूर्ण प्रिन्ट मीडिया में जारी होने वाले विज्ञापनों का प्रमाणीकरण करेगी। इसके अलावा प्रिन्ट, इलेक्ट्रानिक, सोशल मीडिया में संदेहास्पद पेड न्यूज की पहचान, चिन्हांकन तथा अभ्यर्थियों के मीडिया में जारी विज्ञापनों की गणना कर व्यय आंकलित करेगी। एमसीएमसी प्रत्येक अभ्यर्थी और विधानसभावार मीडिया में हुए खर्च की दैनिक रिपोर्ट व्यय लेखा टीम और व्यय प्रेक्षक को सौंपेगी। एमसीएमसी मीडिया में आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन की खबरें, बिना प्रमाणन प्रकाशित, प्रसारित विज्ञापन और हैडबिल, पम्पलेट, पोस्टर के प्रकाशन पर भी नजरें बनाये रखेगी।

एमसीएमसी के सदस्य डॉ संजय पयासी ने संदेहास्पद पेड न्यूज के प्रकार और उनके चिन्हांकन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने विज्ञापन और संदिग्ध पेड न्यूज के अंतर बताये। जनसम्पर्क अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि मीडिया में प्रसारित होने वाले विज्ञापनों की दर डीएवीपी और जनसम्पर्क से प्राप्त कर उसके हिसाब से आंकलित किया जायेगा। विज्ञापनों के प्रमाणन के लिए निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप से प्रकाशन योग्य, सामग्री और अनुमानित व्यय के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर एमसीएमसी को आवेदन करना होगा।

मीडिया अनुवीक्षण व मीडिया प्रमाणन के सम्बंध में प्रशिक्षण देते हुए मास्टर ट्रेनर डॉ गुप्ता ने कहा कि ने कहा कि ऐसा कोई भी समाचार जो किसी एक पार्टी या अभ्यर्थी की प्रशंसा करते हुए उसको विजेता होने का दावा करता हो या किसी एक अभ्यर्थी को अधिक महत्व देते हुए समाचार प्रकाशित करते है। कई बार निर्वाचन के दौरान कई राजनीतिक दल व अभ्यर्थी अपने प्रेसनोट जारी करते है। जाहिर है वे अपनी प्रशंसा करते है। ऐसे प्रेसनोट एक से अधिक समाचार पत्रों में हूबहू फ़ोटो और विशेषताओं के साथ प्रकाशित होते है। वे समाचार सूचना या जानकारी से अधिक प्रचार हो जाता है। ऐसी स्थिति में पेड न्यूज की श्रेणी में माना जायेगा।

उन्होंने कहा कि केबल टेलीविजन, सोशल मीडिया, ई-पेपर, सिनेमा, निजी एफएम रेडियो चैनल, सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाले दृश्य व श्रव्य माध्यम, बल्क एसएमएस, रिकॉर्डेड वॉइस मेसेज और इंटरनेट वेबसाइट पर विज्ञापन प्रकाशन व प्रसारण के लिए जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति से प्राप्त प्रमाणन प्रमाण पत्र की जांच अवश्य करें।

प्रमाणन के लिए पंजीकृत दलों को 3 दिन व अपंजीकृत दलों 7 दिनों पूर्व देना होगा आवेदन

बैठक में बताया गया कि कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति से प्रमाणन के लिए पंजीकृत राष्ट्रीय व राज्य राजनैतिक दलों व अभ्यर्थियों को विज्ञापन जारी करने की प्रस्तावित शुरुआत से 3 दिन पूर्व आवेदन करना होगा। इसी तरह किसी अन्य व्यक्ति या अपंजीकृत राजनीतिक राजनीतिक दलों के मामलें में आवेदन 7 दिनों पूर्व करना होगा।

जिला स्तरीय समिति में अध्यक्ष कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अनुराग वर्मा तथा समिति के सदस्यों में जिला पंचायत सीईओ संजना जैन, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रघुराजनगर (शहरी) नीरज खरे, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी परमीत कौर, जिला प्रबंधक ई-गर्वनेंस योगेश तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार संजय पयासी एवं पीआरओ नगर निगम नारायण चतुर्वेदी एमसीएमसी के सदस्य बनाए गए हैं। जबकि जिला जनसंपर्क अधिकारी राजेश सिंह को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

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